मुख्य पृष्ठ  
  हमारे विषय में  
  योजनायें  
  गतिविधियां  
  निविदायें  
  सीनेट/टी.आर.सी.  
  प्रकाशन  
  कडियां  
  संपर्क सूत्र  
 

एम. एस. एम. ई. - विकास संस्थान, कानपुर की प्रमुख गतिविधियां

तकनीकी सेवायें

१. वर्तमान एवं संभावित उद्यमियों को उत्पादों के चयन, तकनीकी, मशीनरी, कच्चा माल आदि के प्राप्त स्रोतों के संबन्ध में तकनीकी परामर्श प्रदान करना ।
२. संभाव्यता उत्पादों एवं अन्य तकनीकी साहित्य जैसे तकनीकी स्थान्तरण प्रलेख एवं विविध तकनीकी विषयों पर विशेष अध्ययन प्रतिवेदन आदि पर परियोजना प्रोफाइल तैयार करना ।
३. उद्यमियों के अनुरोध पर विस्तृत संभाव्यता एवं परियोजना प्रतिवेदन तैयार करना ।
४. कच्चे माल, निर्मित व अर्ध निर्मित उत्पादों के परिक्षण विषयक मार्गदर्शन ।

 
:: केंद्र सरकार की नीतियां
:: आगामी कार्यक्रम
:: प्रशिक्षण कार्यक्रम
:: सूचना का अधिकार
:: मासिक व्यय प्रतिवेदन
:: लाभकारी योजनायें
:: आई. एस. ओ. प्रतिपूर्ती
:: बार कोड प्रतिपूर्ती
:: आई. एस. ओ. - 9000
:: एम.एस.ई.एफ.सी-एम.पी.आर.
:: प्रशिक्षण दैनन्दिनी
:: राज्य स्तर की नीतियां

५. उत्पादों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने, उनका विकास व उत्पादों के वितरण विषयक परामर्श देना ।
६. उद्यमियों के अनुरोध पर ड्राइंग डिजाइन व ब्लू प्रिन्ट तैयार करना ।
७. आई.एस.ओ. एवं गुणवत्ता-नियंत्रण हेतु मार्गदर्शन ।
८. विभिन्न संबंधित एजेन्सियों - (१) राज्य सरकार के उद्यम इकाइयों की क्षमता हेतु उद्योग विभाग, (२) बैंक एवं तकनीकी- आर्थिक प्रस्तावों के मूल्यांकन हेतु वित्तीय संस्थानों को तकनीकी सेवायें प्रदान करना ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम

विभिन्न सामाजिक, आर्थिक वर्गों जैसे शिक्षित बेरोजगार युवकों, सामान्य एवं तकनीकी स्नातकों, महिलाओं, सेवा निवृत कर्मियों आदि के निमित्त उत्पाद व प्रक्रियोन्मुखी उद्यमिता विकास कार्यक्रमों का आयोजन । उच्च कार्य क्षमता वाले विषयों पर बडे स्तर पर निम्नलिखित कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं -

उद्यमिता विकास कार्यक्रम
 १. महिलाओं के लिये सौंदर्य शिल्प पाठ्यक्रम
 २. महिलाओं के लिये फैशन तकनीकी आधारित पाठ्यक्रम
 ३. प्लास्टिक उत्पादों एवं प्लास्टिक प्रक्रिया तकनीक पर आधारित
 ४. खाद्य उत्पादों एवं खाद्य प्रक्रिया तकनीक पर आधारित
 ५. प्रशीतलन एवं वातानुकूलन
 ६. रसायन एवं प्रसाधन उत्पाद
 ७. विद्युत उपकरणों की मरम्मत एवं रख रखाव
 ८. चर्म निर्मित वस्त्र
 ९. चमडे के जूतों व चर्म निर्मित वस्तुओं का उत्पादन
 १०. कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं मेन्टीनेन्स
 ११. कम्प्यूटर आधारित बिजनेस एकाउन्टेन्सी
 १२. कम्प्यूटर अनुप्रयोग
 १३. कम्प्यूटर नेटवर्किंग
 १४. कम्प्यूटर ग्राफिक्स
 १५. अन्य कार्यक्रम

प्रबन्धन विकास कार्यक्रम
 १. विदेश व्यापार प्रबंधन
 २. औद्योगिक प्रबंधन कार्यक्रम
 ३. व्यव्साय प्रबंधन कार्यक्रम
 ४. विपणन प्रबंधन कार्यक्रम
 ५. वित्तीय प्रबंधन कार्यक्रम
 ६. उत्पादन प्रबंधन कार्यक्रम
 ७. वस्तु सूची प्रबंधन कार्यक्रम
 ८. कार्य पूंजी प्रबंधन कार्यक्रम
 ९. गुण्वत्ता प्रबंधन कार्यक्रम
 १०. निर्यात विपणन कार्यक्रम
 ११. अन्य कार्यक्रम

औद्योगिक अभिप्रेरणा अभियान
उद्यमियों, विशेषकर पिछडे क्षेत्र के उद्यमियों को २-३ दिवसीय औद्योगिक अभिप्रेरणा अभियान संचालित किये जाते हैं और यथास्थान उनकी कठिनाइयों का निदान करने हेतु मार्गदर्शन किया जाता है ।

कौशल विकास कार्यक्रम
लघु उद्योग क्षेत्र में लगे उद्यमियों के कौशल को प्रोन्नत करने के लिये संस्थान की कार्यशाला कार्यक्रमों में कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं । कुछ प्रमुख निम्नलिखित हैं -
 १. मशीन शाप
 २. सी.एन.सी. वायर कट
 ३. ई.डी.पी.
 ४. एलेक्ट्रोप्लेटिंग
 ५. शीट मेटल
 ६. टूल एवं डाई डिजाइनिंग
 ७. लैंस ग्राइडिंग एवं सिरैमिक
 ८. अन्य कार्यक्रम

अनुषंगिक विकास

१. वर्तमान मध्यम एवं बडी एकाइयों के लिये अवसरों की पहचान करना ।
२. क्रेता-विक्रेता मिलन समारोह, संगोष्ठियों एवं प्रदर्शनियों का आयोजन अनुषंगी विकास के लिये संपन्न करना ।
३. अतिरिक्त उत्पादन क्षमता संपन्न इकाइयों के मध्य समुचित तालमेल हेतु एप संविदा विनिमय के क्रियान्वयन द्वारा इकाइयों का पंजीकरण ।
४. अन्य कार्यक्रम

आर्थिक अन्वेषण एवं सांख्यकीय सेवायें

१. उत्पाद चयन में सहयोग करना
२. औद्योगिक संभावनाओं पर क्षेत्र विशेष के लिये क्षेत्र सर्वेक्षण प्रतिवेदन तैयार करना ।
३. औद्योगिक विवरण पत्रक, विपणन सर्वेक्षण प्रतिवेदन तैयार करना ।
४. लघु उद्योगों का आगरण ।
५. लघु उद्योग एकाइयों औद्योगिक उत्पादन, विकास दर पर आधारित डाटा संकलन करके सूची संकलन

जागरूकता कार्यक्रम/कार्यशालओं/संगोष्ठियां आयोजन

१. ऊर्जा सरंक्षण
२. प्रदूषण नियंत्रण
३. गुण्वत्ता नियंत्रण एवं प्रोन्नयन
४. अवशिष्ट/आपशिष्ट दर एवं शोधक उत्पादन को घटाना
५. विश्व व्यापार संगठन की अवधारणा
६. बौद्धिक संपदा अधिकार
७. निर्यात पैकजिंग पर कार्यक्रम एवं बार कोडिग तकनीक
८. आई. एस. ओ.-९००० (प्रमाणन, आंतरिक लेखा परिक्षण, वाह्य लेखा परिक्षण आदि)

विपणन एवं निर्यात संवर्धन

१. राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम के माध्यम से सरकारी विभागों में उत्पादों की विपणन व्यवस्था में सहयोग देना । संस्थान अपने अधिकारियों के माध्यम से औद्योगिक इकाइयों की क्षमता एवं तकनिकी दक्षता का मूल्यांकन करता है ।
२. निर्यात प्रक्रिया / दस्तावेजीकरण / निर्यात विपणन  / निर्यात पैकैजिंग पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना ।
३. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों में ऐसी सक्षम निर्यातक इकाइयों का चयन करना जो अपने उत्पादों को प्रदशित कर सके और भाग ले सके और अन्तर्राष्ट्रीय व्यापर संगठन से प्राप्त जानकारियों को व्यापक रूप से परिचालित करा सके ।
४. विभिन्न निर्यात पुरस्कारों के लिये लघु उद्योगों को प्रायोजित कराना ।

आई.एस.ओ. प्रमाणन

जिन इकाइयों द्वारा आई.एस.ओ.-९००० प्रमाणन का स्तर प्राप्त कर लिया है, उन्हें रू. ७५०००/- तक की क्षतिपूर्ती की सुविधा देना ।

बार कोडिंग

बार कोडिंग में व्यय की गई राशि क ७५% तक या १५०००/- की क्षतिपूर्ती

बौद्धिक सम्पदा अधिकार, विश्व व्यापार संगठन, निर्यात पैकैजिंग एवं ऊर्जा संरक्षण

समय समय पर लघु उद्योगों के स्मुन्नयन हेतु बौद्धिक सम्पदा अधिकार, विश्व व्यापार संगठन, निर्यात पैकैजिंग एवं ऊर्जा संरक्षण पर जागरुकता लाने के लिये कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता है ।

मुख्य पृष्ठ | हमारे विषय में | योजनाय | गतिविधियां | निविदायें | सीनेट/टी.आर.सी. | प्रकाशन | कडियां | संपर्क सूत्र | आगामी कार्यक्रम